भोजपुर जिले के शाहपुर थाना इलाके के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मौत को लेकर परिजनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. अपने जवान बेटे को खोने के गम में डूबी मां आशा देवी ने साफ कहा है कि जब तक उनके बेटे की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं मिलती, तब तक उसका श्राद्ध कर्म नहीं कराया जाएगा.आशा देवी ने मांग की है कि एसटीएफ के 6 जवानों सहित संबंधित वरीय अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए. रोते-बिलखते हुए भरत तिवारी की मां ने कहा, मेरे मासूम बच्चे की जान चली गई. इसके बदले मुझे इंसाफ चाहिए. उन्होंने मांग की कि सभी दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए. मां का कहना है कि बेटे के अंतिम संस्कार से जुड़ी क्रिया शुरू हो चुकी हैं, लेकिन श्राद्ध कर्म तब तक नहीं होगा, जब तक न्याय नहीं मिल जाता. उन्होंने बताया कि यह फैसला सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे परिवार का सामूहिक निर्णय है. भरत तिवारी की मां ने उसकी अंतिम इच्छा भी बताई. आशा देवी ने बताया कि भरत चाहता था कि जवाइनिया में कटाव से प्रभावित बिलौटी में बस रहे लोगों की जमीन को मिट्टी भरकर ऊंचा कराया जाए और वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराईं जाएं. उसका मानना था कि कई नेताओं ने लोगों से वादे तो किए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया. मां ने यह भी कहा कि भरत चाहता था कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा न करने वाले नेताओं की जवाबदेही तय हो. इसके अलावा उन्होंने पुलिस के कब्जे में मौजूद भरत के मोबाइल फोन को परिवार को सौंपने की मांग की है. उनका दावा है कि उस मोबाइल में कई महत्वपूर्ण जानकारियां और उस घटना से जुड़े सबूत मौजूद हैं. घटना के समय पुलिस ने फोन ले लिया था, लेकिन वे जल्द उसे माता-पिता को सौंपने की मांग कर रहे हैं.
