देशभर से 30 से अधिक प्रतिभागी ले रहे हैं भाग, विशेषज्ञों ने ईवी तकनीक की नवीनतम प्रगति एवं चुनौतियों पर किया मंथन
भगीरथीपुरम/टिहरी, 5 अक्टूबर 2026।
THDC इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोपावर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (THDC-IHET) में “Sustainable Electric Vehicles for Hilly Terrains” विषय पर छह दिवसीय Faculty Development Programme (FDP) का शुभारंभ सोमवार को हुआ। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) तथा भारत सरकार की ATAL (AICTE Training and Learning) योजना के अंतर्गत वित्त पोषित है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से 30 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। एफडीपी के समन्वयक प्रो. नितिन कुमार गुप्ता ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य, इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी के वर्तमान परिदृश्य, इसके व्यापक दायरे तथा भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों को व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी अनुसंधान और नवाचार की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री आशीष डबराल, DGM (O&M), THDC India Limited ने वर्तमान समय में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए नए तकनीकी उपाय विकसित करने होंगे। उन्होंने प्रतिभागियों से रेंज एंग्जायटी, टॉर्क की आवश्यकता तथा कठिन पर्वतीय मार्गों में ईवी के प्रदर्शन जैसी समस्याओं पर शोध एवं संभावित समाधान खोजने का आह्वान किया।
उद्योग विशेषज्ञ श्री प्रथमेश चौधरी, ELESPA HEV Pvt. Ltd. ने प्रतिभागियों को हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल (HEV) के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम तकनीकी विकास से अवगत कराया। उन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों के लिए हाइब्रिड एवं इलेक्ट्रिक वाहनों की उपयुक्तता, उनकी कार्यक्षमता तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी साझा की।
इस अवसर पर डीन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, डॉ. सुलक्षणा शर्मा ने प्रतिभागियों को एफडीपी के माध्यम से प्राप्त होने वाले ज्ञान एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी में हो रही तीव्र प्रगति तथा पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और सतत् परिवहन के क्षेत्र में इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में MNIT जयपुर के विशेषज्ञ डॉ. नितिन गुप्ता ने इलेक्ट्रिक वाहनों का परिचय देते हुए उनके विद्युत वितरण नेटवर्क पर प्रभाव तथा इस क्षेत्र में संभावित शोध विषयों पर व्याख्यान दिया। उन्होंने ईवी के बढ़ते प्रसार के साथ वितरण प्रणाली पर पड़ने वाले प्रभावों तथा इन चुनौतियों के समाधान के लिए आवश्यक अनुसंधान क्षेत्रों पर चर्चा की।
कार्यक्रम में को-कोऑर्डिनेटर श्री हिमांशु नौटियाल सहित संस्थान के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य उपस्थित रहे। छह दिवसीय इस एफडीपी के दौरान प्रतिभागियों को इलेक्ट्रिक एवं हाइब्रिड वाहन प्रौद्योगिकी, ऊर्जा दक्षता, चार्जिंग अवसंरचना, ग्रिड इंटीग्रेशन तथा विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों के लिए ईवी तकनीक के विकास से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं अनुसंधान पहलुओं पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
यह एफडीपी पर्वतीय क्षेत्रों में स्वच्छ, टिकाऊ एवं ऊर्जा-कुशल परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के बीच ज्ञान एवं अनुभव साझा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगा।

