उत्तरप्रदेश l राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा बुधवार को रामकोट की परिक्रमा करते नजर आए. उन्होंने संतों और रामभक्तों के साथ रामकोट की परिक्रमा की. इस दौरान राम मंदिर के मुख्य द्वार के पास श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया. मामले की जांच और ट्रस्ट से जुड़े घटनाक्रम के बीच अनिल मिश्रा का सार्वजनिक रूप से धार्मिक आयोजन में शामिल होना चर्चा में है. डॉ. अनिल मिश्रा ने संतों और बड़ी संख्या में रामभक्तों के साथ रामकोट की परिक्रमा की. परिक्रमा के दौरान धार्मिक माहौल बना रहा और श्रद्धालु लगातार ‘जय श्रीराम’ का जयकारा करते रहे . अनिल मिश्रा ने इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ भी किया. रामकोट की गलियों में कीर्तन और जयकारों से माहौल भक्तिमय नजर आया. परिक्रमा में शामिल संतों और श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया. बड़ी संख्या में रामभक्त अनिल मिश्रा के साथ चलते दिखाई दिए. रामकोट की परिक्रमा पूरी करते हुए जब डॉ. अनिल मिश्रा राम मंदिर के मुख्य द्वार के करीब पहुंचे, तो वहां मौजूद रामभक्तों और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया. इस दौरान उनके साथ संत भी मौजूद रहे. सभी ने मिलकर भगवान श्रीराम का जयघोष किया. चढ़ावा चोरी मामले के सामने आने के बाद अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर जांच और सवालों का दौर चला है. वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य पद से इस्तीफा भी दे चुके हैं. जुलाई में सामने आई रिपोर्टों में जांच के दौरान उनके नाम और मंदिर के चढ़ावे की निगरानी से जुड़े सवालों का उल्लेख किया गया था. अनिल मिश्रा की रामकोट परिक्रमा ऐसे समय हुई है, जब राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर अयोध्या में लगातार चर्चा बनी हुई है. एसआईटी जांच से जुड़े घटनाक्रम में चंपत राय की भूमिका को लेकर भी अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं. ताजा रिपोर्टों में एक ओर चंपत राय को राहत मिलने की बात कही गई है, वहीं अनिल मिश्रा को लेकर जांच की स्थिति पर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं. ऐसे में रामकोट परिक्रमा के दौरान अनिल मिश्रा की मौजूदगी और राम मंदिर के मुख्य द्वार पर हुए स्वागत ने अयोध्या के धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है. अब इस पूरे मामले में जांच की आगे की स्थिति और आधिकारिक कार्रवाई पर नजर बनी हुई है.

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