उत्तर प्रदेश l उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर के अंदर बनी 100 साल से अधिक पुरानी मस्जिद को जिला प्रशासन ने अवैध निर्माण माना है. प्रशासन की कार्रवाई के तहत आज सुबह करीब 5 बजे मस्जिद को बुलडोजर से ढहा दिया गया. बताया जाता है कि अंग्रेजों के दौर में कलक्ट्रेट में काम करने वाले मुस्लिम कर्मचारियों के लिए यह मस्जिद बनवाई गई थी, ताकि उन्हें नमाज पढ़ने के लिए दूर न जाना पड़े. 16 जुलाई को जिला प्रशासन ने मस्जिद के निर्माण को अवैध माना था. मस्जिद कमेटी ने कोर्ट में 1 जनवरी 1911 का बिजली बिल पेश कर दावा किया कि कलक्ट्रेट से पहले ही यहां मस्जिद मौजूद थी, जबकि प्रशासन ने दलील दी कि सहारनपुर में बिजली की शुरुआत 1912 में हुई थी.उत्तर प्रदेश l के सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर के अंदर बनी 100 साल से अधिक पुरानी मस्जिद को जिला प्रशासन ने अवैध निर्माण माना है. प्रशासन की कार्रवाई के तहत आज सुबह करीब 5 बजे मस्जिद को बुलडोजर से ढहा दिया गया. बताया जाता है कि अंग्रेजों के दौर में कलक्ट्रेट में काम करने वाले मुस्लिम कर्मचारियों के लिए यह मस्जिद बनवाई गई थी, ताकि उन्हें नमाज पढ़ने के लिए दूर न जाना पड़े. 16 जुलाई को जिला प्रशासन ने मस्जिद के निर्माण को अवैध माना था. मस्जिद कमेटी ने कोर्ट में 1 जनवरी 1911 का बिजली बिल पेश कर दावा किया कि कलक्ट्रेट से पहले ही यहां मस्जिद मौजूद थी, जबकि प्रशासन ने दलील दी कि सहारनपुर में बिजली की शुरुआत 1912 में हुई थी. सहारनपुर मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे. रात में भी मस्जिद तोड़े जाने की सूचना फैलने के बाद डीएम ने लोगों को मस्जिद सील किए जाने की बात कहकर शांत किया था, लेकिन सुबह तक मस्जिद जमींदोज हो चुकी थी. कार्रवाई के विरोध में आने वाले कई नेताओं को उनके घरों में नजरबंद किए जाने की सूचना है. सपा सांसद इकरा हसन को कैराना स्थित उनके घर से निकलने नहीं दिया गया. दिल्ली में सांसद इमरान मसूद ने कार्रवाई पर कहा, ‘बुलडोजर मस्जिद पर नहीं कानून पर चला है. ये संविधान, कानून पर बुलडोजर चला रहे हैं. 100 साल से बनी मस्जिद गिरा दी गई. जबरदस्ती रातों-रात मस्जिद बुलडोज कर दी. हम इसे नजीर नहीं बनने देंगे, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.’
