क्षेत्र में स्थित एक ही स्वामी के दो भवनों को लेकर निर्माण मानकों के उल्लंघन तथा एमडीडीए की भूमि पर कथित अतिक्रमण के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि दोनों भवनों में से एक भवन में निर्धारित सेटबैक (खाली स्थान) का पालन नहीं किया गया है, जबकि दूसरे भवन में भी निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है। इसके अतिरिक्त भवन से निकलने वाली वेस्ट पाइप को एमडीडीए की दीवार के ऊपर से निकाला गया बताया जा रहा है, जिससे नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार संबंधित भवन स्वामी द्वारा एमडीडीए अथवा कॉलोनी की सार्वजनिक भूमि पर गेट लगाकर कथित रूप से कब्जा किया गया है। साथ ही यह भी आरोप है कि एमडीडीए की बाउंड्री वॉल को तोड़कर वहां से एक अतिरिक्त प्रवेश द्वार (दरवाजा) निकाला गया है, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल भवन निर्माण मानकों का उल्लंघन है, बल्कि सार्वजनिक भूमि एवं सरकारी संपत्ति के अतिक्रमण का मामला भी बनता है। उन्होंने एमडीडीए और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से स्थल निरीक्षण कर निर्माण की वैधता, सेटबैक नियमों के अनुपालन तथा सार्वजनिक भूमि पर कथित कब्जे की जांच कराने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों ने अपेक्षा जताई है कि जांच के बाद दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिससे भविष्य में इस प्रकार के मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

